बेरोजगारों के लिए खुशखबरी, 2500 होमगार्ड की होगी भर्ती, इसका रखें खास ध्यान
विष्णु शर्मा, जयपुर: राजस्थान में बेरोजगार के लिए खुशखबरी है. होमगार्ड स्वयंसेवकों के 2500 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. अभ्यर्थी 10 जून से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. होमगार्ड महकमे ने ढाई हजार पदों के लिए जारी कर दी है.
राज्य सरकार के बजट में ढाई हजार होमगार्ड स्वयं सेवकों की भर्ती की घोषणा की थी. इसके बाद होमगार्ड महकमे की ओर से मार्च 2020 में विज्ञप्ति जारी कर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे. उसके बाद तत्पश्चात् कोरोना (कोविड-19) महामारी के कारण अभ्यर्थियों से आवेदन-पत्र आंमत्रित करने की तिथि आगामी सूचना तक स्थगित कर दी गई थी.
महानिदेशक होमगार्डस राजीव दासोत ने बताया कि वर्तमान में लॉकडाउन में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा शिथिलता प्रदान किये जाने के परिपेक्ष्य में नामांकन के लिए आवेदन मांगे गए हैं. अभ्यर्थी अब दिनांक 10 जून से 9 जुलाई की रात रात्रि 12 बजे तक ऑन-लाईन भरे जा सकेंगे. आवेदकों को सलाह दी जाती है कि अन्तिम दिनांक का इन्तजार किये बिना समय सीमा में ऑनलाईन आवेदन करें.
होमगार्ड बनने के लिए यह योग्यताएं जरूरी
होमगार्ड स्वयंसेवक के नामांकन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मान्यता प्राप्त स्कूल से 8 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए. राजस्थान गृह रक्षा नियम 1962 के अनुसार आवेदक की आयु 01.04.2020 को 18 वर्ष से कम एवं 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदक संबंधित जिले का मूल निवासी होकर भर्ती केन्द्र/उपकेन्द्र से संबंधित नगर निगम / नगर परिषद/ नगर पालिका/तहसील में गत 03 वर्षों से लगातार निवास करने वाला होना
चाहिए.
आवेदन पत्रों की जांच के बाद शारीरिक परीक्षा
डीजी होमगार्डस, राजस्थान राजीव दासोत ने बताया कि नामांकन के समस्त चरणों यथा पंजीकरण एवं प्रमाण-पत्रों की जांच, शारीरिक माप-तोल परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षा तथा विशेष योग्यता का विवरण विभागीय वेबसाईट पर देखा जा सकता है.
इसका रखें खास ध्यान
नामांकन प्रक्रिया में राज्य सरकार के नियमानुसार विभिन्न वर्गों को आरक्षण लागू रहेगा. समस्त अभ्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन पत्र भरने से पूर्व विभागीय विज्ञप्ति का भली भाति अध्ययन कर लें.
इस वेबसाइट पर कर सकते हैं आवेदन
होमगार्ड विभाग की वेबसाईट http://home.rajasthan.gov.in/homegaurds पर आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा इस वेबसाइट पर नामांकन संबंधी कई अन्य जानकारियांं भी मिल सकेगी.
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जुलाई में कराई जा सकती हैं Rajasthan University की UG और PG की परीक्षाएं
राजस्थान विश्वविद्यालय (Rajasthan University) की परीक्षाएं जुलाई माह में आयोजित कराई जा सकती है. यूजी और पीजी के करीब 5.5 लाख स्टूडेंट्स की परीक्षाओं (Examinations) को लेकर विश्वविद्यालय तैयारी में जुटा हुआ है.
जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय (Rajasthan University) की परीक्षाएं जुलाई माह में आयोजित कराई जा सकती है. अंडर ग्रेजुएट (यूजी) और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) के करीब साढ़े पांच लाख स्टूडेंट्स की परीक्षाओं (Examinations) को लेकर विश्वविद्यालय तैयारियों में जुटा हुआ है. कोरोना संकट के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को ध्यान में रखते हुए नए एग्जाम सेंटर चिन्हित कर लिए गए हैं. राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद परीक्षाओं का संशोधित टाइमटेबल जारी कर दिया जाएगा.
15 जून से प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू कराने की तैयारी
दरअसल कोरोना संकट के कारण राजस्थान विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को मार्च महीने में स्थगित कर दिया गया था. साथ ही विश्वविद्यालय ने 31 मई तक ग्रीष्म अवकाश भी घोषित कर दिया था. लेकिन अब यदि यूनिवर्सिटी को परीक्षा कराने की स्वीकृति मिलती है तो आरयू इसके लिए पूरी तरह तैयार है. विश्वविद्यालय प्रशासन 10 जून तक परीक्षाओं की स्वीकृति मिलने की उम्मीद कर रहा है. राज्य सरकार से परीक्षाएं कराने को लेकर हरी झंडी मिलने के बाद सबसे पहले स्टूडेंट्स की प्रायोगिक परीक्षाएं (प्रैक्टिकल एग्जाम) कराई जाएगी. फिलहाल 15 जून से प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू करने के अनुसार तैयारी की जा रही है.
122 परीक्षा केंद्र हैं, बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता
यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि विश्वविद्यालय ने अपने सभी कॉलेजों पर बने परीक्षा केंद्रों से विद्यार्थियों में सोशल डिस्टेंसिंग रखने के अनुसार जानकारी मांगी है. इसके तहत दो गज की दूरी पर बिठाकर स्टूडेंट्स की परीक्षाएं कराई जा सकती हैं. मौजूदा समय में 122 परीक्षा केंद्र हैं. उन्हें बढ़ाकर 200 तक किया जा सकता है.
पीजी की एक भी परीक्षा नहीं हो सकी है
फिलहाल आरयू की पीजी की एक भी परीक्षा नहीं हो सकी है. यह परीक्षाएं दो अप्रैल से होना प्रस्तावित थी जबकि यूजी की भी 75 प्रतिशत परीक्षाएं बाकी हैं. सेमेस्टर और लॉ की परीक्षाएं भी नहीं हो सकी हैं. विश्वविद्यालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती एनुअल यूजी एग्जाम कराने की है. क्योंकि इस परीक्षा में यूनिवर्सिटी के साढ़े चार लाख विद्यार्थी शामिल होंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उन्हें यदि एक सप्ताह का समय भी मिलता है तो भी उसके अनुरूप उनकी तैयारियां कर ली गई हैं.
परिणाम जारी करने की तैयारियां भी करवाई जा रही
परीक्षाएं होने के साथ ही जल्द से जल्द मूल्यांकन करवा कर परिणाम जारी किए जा सकें इसकी तैयारियां भी की जा रही हैं. बीते दिनों छात्र नेताओं ने स्टूडेंट्स को प्रमोट करने की मांग की थी. लेकिन विश्वविद्यालय की इन तैयारियों से स्पष्ट है कि ऐसा कोई भी निर्णय नहीं हो सकेगा.
फिलहाल आरयू की पीजी की एक भी परीक्षा नहीं हो सकी है. यह परीक्षाएं दो अप्रैल से होना प्रस्तावित थी जबकि यूजी की भी 75 प्रतिशत परीक्षाएं बाकी हैं. सेमेस्टर और लॉ की परीक्षाएं भी नहीं हो सकी हैं. विश्वविद्यालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती एनुअल यूजी एग्जाम कराने की है. क्योंकि इस परीक्षा में यूनिवर्सिटी के साढ़े चार लाख विद्यार्थी शामिल होंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उन्हें यदि एक सप्ताह का समय भी मिलता है तो भी उसके अनुरूप उनकी तैयारियां कर ली गई हैं.
परिणाम जारी करने की तैयारियां भी करवाई जा रही
परीक्षाएं होने के साथ ही जल्द से जल्द मूल्यांकन करवा कर परिणाम जारी किए जा सकें इसकी तैयारियां भी की जा रही हैं. बीते दिनों छात्र नेताओं ने स्टूडेंट्स को प्रमोट करने की मांग की थी. लेकिन विश्वविद्यालय की इन तैयारियों से स्पष्ट है कि ऐसा कोई भी निर्णय नहीं हो सकेगा.
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e-एजेंडा में बोले गहलोत- केंद्र आर्थिक मदद दे, बाकी काम राज्य खुद ही कर लेंगे
अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि राज्यों को आर्थिक तौर पर मजबूत रखा जाए. इसके बाद राज्य सरकारें संभाल लेंगी कि उन्हें कैसे काम करना है.
मोदी सरकार 2.0 का एक साल पूरा हो चुका है. वहीं मोदी सरकार ने देश में लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के साथ ही कुछ रियायतों का ऐलान भी कर दिया है. इस मौके पर आजतक के खास कार्यक्रम e-एजेंडा में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिरकत की. अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकारें केंद्र सरकार पर निर्भर हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आजतक के e-एजेंडा कार्यक्रम में कहा कि लॉकडाउन लागू करना आसान है. हालांकि हम लॉकडाउन को खोलने के लिए तैयार हैं. बिना केंद्र सरकार के कोरोना वायरस का मुकाबला करना संभव नहीं होगा. केंद्र सरकार अगर आर्थिक मदद दे तो बाकी काम राज्य खुद ही कर लेंगे.
अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकारों को केंद्र सरकार पर डिपेंड रहना पड़ता है. केंद्र सरकार को आगे आकर राज्य सरकारों की मदद करनी चाहिए. केंद्र की मदद के बाद राज्य सरकारें तय करेंगी कि लॉकडाउन कैसे खोला जाए. हर राज्य, हर जिले के हालात अलग-अलग होते हैं.
प्राथमिकता
अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि राज्यों को आर्थिक तौर पर मजबूत रखा जाए. इसके बाद राज्य सरकारे संभाल लेंगी कि उन्हें कैसे काम करना है. राज्यों की बात का वजन होना चाहिए. तब जाकर इस हालात से उभरा जा सकेगा.
मोदी सरकार 2.0 का एक साल पूरा होने पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पीछे क्या हुआ, उसे भूल जाएं. आगे की योजनाएं बताएं कि पीएम मोदी देश के लिए क्या चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे बढ़कर राज्यों को ऑफर करना चाहिए. साथ ही राज्यों की मांग पूछनी चाहिए.









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