ikq Latest news | Current news | Top news | recent news

Translate


राजस्थान पत्रिका

राजस्थान पत्रिका एक भारतीय हिंदी भाषा का दैनिक समाचार पत्र है। यह 1956 में कर्पूर चंद्र कुलिश द्वारा स्थापित किया गया था।

AAJ TAK

आजतक हिंदी समाचार , लाइव टीवी कवरेज देखें, नवीनतम खबर, भारत, विश्व, खेल, व्यवसाय, हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज ...

ABP न्यूज़

ABP न्यूज़ एक हिंदी न्यूज़ चैनल है जो भारत में और उस पार की कहानियों को लाइव ब्रेकिंग न्यूज़, हेडलाइंस, डिबेट्स और नवीनतम अपडेट प्रदान करता है ...

News18 Rajasthan

News18 राजस्थान - सबसे सटीक और सबसे तेज़। News18 राजस्थान लाइव टीवी देखें, हिंदी समाचार चैनल News18 भारत क्षेत्रीय चैनल ऑनलाइन।

RSG Rajasthani Media

RSG Rajasthani Media का नमस्कार सभी संगीत प्रेमियों को.. हमारी वास्तविक राजस्थानी संस्कृति से जुड़े हुए और जिस पर हर एक राजस्थानी गर्व कर सके जैसे कुछ गाने भी आप तक पंहुचा सके तो ये हमारे मकसद को कामयाबी दे देगा | आशा है हमारी कोशिश और हमारी भावनाएं आप तक जरूर पहुँच रही होगी | अगर आपको कुछ गीत पसंद आ रहा हो तो प्लीज इस पर कमेंट जरूर करे, हम पूरी कोशिश करेंगे आपको जवाब देने की, और इसे अपने परिजनों और दोस्तों से शेयर जरूर करें तभी हम आप लोगो तक ऐसे गीत अनवरत पहुंचा सकते है| आपका बहुत बहुत धन्यवाद् इसे सुनने, कमेंट करने, लिखे करने, और शेयर करने के लिए. राम राम सा खम्मा घनी सा VIJAY LAXMI MUSICAL GRUP SOJAT ROAD 9928655799 9660142542

Tuesday, 6 July 2021

कांग्रेस के बाद केरल के वामपंथी सांसदों ने अब लक्षद्वीप में प्रवेश से किया इनकार denied

 लक्षद्वीप प्रशासन ने द्वीप के लिए प्रस्तावित सुधारों के विरोध के मद्देनजर द्वीप का दौरा करने के लिए एलडीएफ सांसदों के आवेदन को खारिज कर दिया है।

पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए, प्रशासन ने कहा कि केरल के सांसदों की प्रस्तावित यात्रा स्थानीय लोगों, राजनीतिक दलों / कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं को वर्तमान प्रशासन के खिलाफ विरोध का कारण बन सकती है।




Tuesday, 9 June 2020

लॉकडाउन में रोजगार का मौका / रेलवे गांव लौटे प्रवासी मजदूराें को आसपास के इलाकों में ही काम देगा; 9 राज्यों के 55 जिलों में 28 हजार मजदूरों की जरूरत

लॉकडाउन में रोजगार का मौका / रेलवे गांव लौटे प्रवासी मजदूराें को आसपास के इलाकों में ही काम देगा; 9 राज्यों के 55 जिलों में 28 हजार मजदूरों की जरूरत










Jun 09, 2020 

देश के 9 राज्यों के 55 जिलों में रेलवे के ईस्टर्न और वेस्टर्न कोरिडोर का निर्माण चल रहा है। (फाइल)
  • रेलवे के प्रोजेक्ट डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (डीएफसी) के काम में पड़ रही जरूरत, जिला प्रशासन को लिखा पत्र
  • राजस्थान, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, हरियाणा, यूपी और पश्चिम बंगाल में चल रहा है डीएफसी का काम


कोरोना के चलते बेरोजगार होकर गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रेलवे गांव के आसपास ही काम 
दिलाएगा। रेलवे के प्रोजेक्ट डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (डीएफसी) का काम देश के गुजरात, बिहार 
और राजस्थान समेत 9 राज्यों के 55 जिलों में चल रहा है, जिसके लिए मजदूरों की जरूरत है। 
इसलिए डीएफसी प्रोजेक्ट ने संबंधित जिले के प्रशासन को पत्र लिखकर काम के इच्छुक 
श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का कहा है।

काम के अनुसार श्रमिकों को मुफ्त में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। रेलवे केवल मालगाड़ियों के 
लिए 3360 किमी. ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेड कॉरिडोर का निर्माण करा रहा है। 9 
राज्यों के 55 जिलों में ईस्टर्न और वेस्टर्न कोरिडोर का निर्माण चल रहा है। वेस्टर्न कोरिडोर 
जेएन पोर्ट (महाराष्ट्र) से दादरी (उत्तर प्रदेश) तक 1504 किमी. और ईस्टर्न कोरिडोर 
साहनेवाल (पंजाब) से दानकुनी (पश्चिमी बंगाल) तक 1856 किमी. लंबा है। लॉकडाउन 
के दौरान करीब 22 हजार श्रमिक सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए काम कर रहे थे।  

राज्यों के इन क्षेत्रों में मिलेगा काम

राजस्थान: अजमेर, जयपुर, पाली, सीकर और सिरोही में मिलेगा काम

बिहार: औरंगाबाद, गया, कैमूर, न्यू कास्था और रोहतास के कामगारों को फायदा

गुजरात: अहमदाबाद, आणंद, कनासकास्था, भरूच, मेहसाणा, नवसारी, सूरत, वडोदरा

हरियाणा: अंबाला, फरीदाबाद, महेन्द्रगढ़, नूंह, पलवल, रेवाड़ी, यमुनानगर

झारखंड: धनबाद, गिरीध, कोडरमा

महाराष्ट्र: पालघर, रायगढ़, ठाणे

पंजाब: फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, पटियाला

उत्तरप्रदेश: अलीगढ़, औरेया, बुलंदशहर, चंदौली, इटावा, फतेहपुर, फिरोजाबाद, 
गौतमबुद्ध नगर, हापुड़,
हाथरस, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, मेरठ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, 
प्रयागराज, सहारनपुर

पश्चिम बंगाल: हुगली, पश्चिमी वर्धमान, पूर्वी वर्धमान


आधार कार्ड की वैधता के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

आधार कार्ड की वैधता के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई













09 जून 2020

आधार कार्ड की वैधता बरकरार रखने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई करेगी.

  • CJI की अध्यक्षता में संविधान पीठ करेगी सुनवाई
  • 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने आधार को माना था वैधानिक

सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2018 को आधार कार्ड की वैधानिकता को लेकर दायर याचिका पर फैसला सुनाया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को वैधानिक माना था और इसकी वैधता बरकरार रखी थी. अब आधार कार्ड को वैधानिक ठहराने के उसी फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

आधार कार्ड की वैधता बरकरार रखने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई करेगी. पांच सदस्यीय संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े के अलावा जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एल नागेश्वर राव शामिल हैं.


गौरतलब है कि जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस एएम खानविलकर उस संविधान पीठ में भी शामिल थे, जिसने आधार को संवैधानिक माना था. हालांकि, जस्टिस चंद्रचूड़ ने तब कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि आधार को मनी बिल की तरह पास कराना संविधान से धोखा है.


तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण भी थे. सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिए जाने के खिलाफ दायर 27 याचिकाओं पर 38 दिन तक सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था. अब सुप्रीम कोर्ट के उसी फैसले को चुनौती दी गई है.



Monday, 8 June 2020

सीमा विवाद: सामना में सरकार से मांग- चीनी सामान पर रोक जरूरी

सीमा विवाद: सामना में सरकार से मांग- चीनी सामान पर रोक जरूरी

कोरोना के कारण हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था बुरे दौर में पहुंच गई है, बेरोजगारी बढ़ी है और 

यहां चीनी माल का बाजार खुला करके उसकी राक्षसी महत्वाकांक्षा और साम्राज्यवाद को ताकत 

दी जा रही है. संपादकीय में मांग की गई है कि चीनी वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक आवश्यक है 

और सरकार को इस पर निर्णय लेना ही पड़ेगा.           

                                                             














08 जून 2020, अपडेटेड 
  • सामना में भारत-चीन सीमा विवाद पर लेख
  • चीनी सामान पर रोक की सरकार से मांग
  • पाकिस्तान नहीं, चीन के लिये 56 इंच के सीने की जरूरत

भारत-चीन के बीच लद्दाख में सीमा विवाद चल रहा है. कई दौर की बातचीत के बाद भी 
मसला फिलहाल सुलझ नहीं पाया है. हालांकि, भारत सरकार ने दावा किया है कि राजनयिक 
और सैन्य स्तर पर सुलह की कोशिश जारी रहेंगी. इस बीच चीन की विस्तारवादी नीतियों का 
जवाब देने के लिये उसके सामान का बहिष्कार करने की आवाज भी अलग-अलग मचों से उठाई 
जा रही है. अब शिवसेना के मुखपत्र सामना में भी ऐसी ही मांग की गई है. साथ ही केंद्र सरकार
 की भी आलोचना की गई है.

सामना में लिखा गया है कि एक तरफ 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का ढोल 
पीटना और दूसरी तरफ चीन के लिए बाजार खोल देना, इससे चीन को आर्थिक बल मिलता है. 
कोरोना के कारण हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था समाप्त हो चुकी है, बेरोजगारी बढ़ी है और यहां 
चीनी माल का बाजार खुला करके उसकी राक्षसी महत्वाकांक्षा और साम्राज्यवाद को ताकत 
दी जा रही है. संपादकीय में मांग की गई है कि चीनी वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक 
आवश्यक है और सरकार को इस पर निर्णय लेना ही पड़ेगा.


बातचीत पर भी उठाये सवाल


हाल ही में दोनों देशों के बीच हुई कमांडर स्तर की बातचीत पर भी सामना में सवाल उठाये गये हैं. 
लिखा गया है कि पूर्व लद्दाख में प्रत्यक्ष नियंत्रण रेखा पर एक महीने से हिंदुस्तान और चीन की 
सेना आमने-सामने है. दोनों देशों के सेना कमांडरों में शनिवार को चर्चा हुई. यह चर्चा सकारात्मक
रही, ऐसा हमारी ओर से कहा गया, चीन की ओर से नहीं, यह ध्यान रखना चाहिए.

नेहरू पर ठीकरा फोड़ना ही एकमात्र तैयारी

सामना में 1962 के युद्ध का भी जिक्र किया गया. लिखा गया है कि 1962 में जो हुआ उसका 
ठीकरा आज भी पंडित नेहरू और गांधी परिवार पर फोड़ना, चीन के विरुद्ध हमारी युद्ध की 
एकमात्र तैयारी रह गई है. जब राहुल गांधी चीन के बारे में कोई सवाल पूछते हैं तो चीन 
की समस्या नेहरू के कारण पैदा हुई, ऐसा कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है.

56 इंच के सीने की जरूरत

संपादकीय में लिखा गया है कि पाकिस्तान से लड़ने के लिए 56 इंच का सीना चाहिए, 
ऐसा हमें नहीं लगता. पाकिस्तान चीन का गुलाम है, लेकिन चीन से लड़ने के लिए 56 इंच 
का सीना चाहिए और वह प्रधानमंत्री मोदी के पास है. इसलिए चीन से घबराने की जरूरत 
नहीं, देश चिंता न करे. सीमा पर सेना मुस्तैद है. आज 1962 का हिंदुस्तान नहीं है. हमारे 
सैनिकों के हाथ में थाली, चम्मच और मोमबत्तियां नहीं, बल्कि बंदूकें हैं! चीन को यह दिखा 
देने का यही समय है.

गौरतलब है कि चीन से विवाद के बीच कुछ चाइनीज मोबाइल ऐप भी विरोधस्वरूप 
अनइंस्टॉल किये गये हैं. साथ ही कुछ संगठनों ने भी चीनी वस्तुओं के बहिष्कार की 
मांग की है. हालांकि, दोनों देशों के बीच बड़ा कारोबार किया जाता है. 2019 में ये कारोबार 
70 अरब डॉलर से ज्यादा का था.

ग़ालिब तेरे नाम पर...राहुल से राजनाथ और फिर सुरजेवाला, कुछ ऐसे चले शायरी के तीर

आधार कार्ड की वैधता बरकरार रखने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम 

कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान 

पीठ सुनवाई करेगी.























09 जून 2020, अपडेटेड 
  • CJI की अध्यक्षता में संविधान पीठ करेगी सुनवाई
  • 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने आधार को माना था वैधानिक
सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2018 को आधार कार्ड की वैधानिकता को लेकर दायर याचिका पर 
फैसला सुनाया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को वैधानिक माना था और इसकी वैधता 
बरकरार रखी थी. अब आधार कार्ड को वैधानिक ठहराने के उसी फैसले को चुनौती देते 
हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

आधार कार्ड की वैधता बरकरार रखने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम 
कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संविधान 
पीठ सुनवाई करेगी. पांच सदस्यीय संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबड़े 
के अलावा जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और 
जस्टिस एल नागेश्वर राव शामिल हैं.

गौरतलब है कि जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस एएम खानविलकर उस संविधान पीठ में भी शामिल थे, 
जिसने आधार को संवैधानिक माना था. हालांकि, जस्टिस चंद्रचूड़ ने तब कड़ी टिप्पणी करते हुए 
कहा था कि आधार को मनी बिल की तरह पास कराना संविधान से धोखा है.

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में जस्टिस 
एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण भी थे. सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड 
को अनिवार्य कर दिए जाने के खिलाफ दायर 27 याचिकाओं पर 38 दिन तक सुनवाई करने के 
बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था. अब सुप्रीम कोर्ट के उसी फैसले को चुनौती दी गई है

Friday, 5 June 2020

कोरोना संकट पर मोदी सरकार का फैसला, मार्च 2021 तक नहीं शुरू होगी कोई नई स्कीम

कोरोना संकट पर मोदी सरकार का फैसला, मार्च 2021 तक नहीं शुरू होगी कोई नई स्कीम

 05 जून 2020, अपडेटेड 

  •    कोरोना प्रकोप के कारण कम हुआ राजस्व
  •    सरकार ने नई योजनाओं पर लगाया ब्रेक

कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से देश की इकोनॉमी पस्‍त नजर आ रही है. इस वजह से राजस्व
 का नुकसान तो हुआ ही है, सरकार का खर्च भी बढ़ा है. इस हालात का असर सरकार की नई योजनाओं
 पर पड़ने लगा है. दरअसल, केंद्र सरकार ने नई योजनाओं की शुरुआत पर रोक लगा दी है. 
वित्त मंत्रालय ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा अगले 9 महीनों या मार्च, 2021 तक स्वीकृत
 नई योजनाओं की शुरुआत को रोक दिया है.
कोरोना की लड़ाई में आर्थिक संकट से जूझ रहे वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए किसी नई 
योजना की शुरुआत पर रोक लगा दी है. ये रोक उन योजनाओं पर हैं जो स्वीकृत या मूल्यांकन श्रेणी में हैं.
 यह आदेश उन योजनाओं पर भी लागू होगा जिनके लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सैद्धांतिक 
अनुमोदन दे द‍िया है.



हालांकि, आत्मनिर्भर भारत और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाओं पर कोई रोक नहीं रहेगी. 
सरकार की ओर से जारी आदेश में साफतौर पर कहा गया है कि विभिन्न मंत्रालय नई योजनाओं की 
शुरुआत न करें. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना या आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत घोषित 
योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें.
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से 4 जून को जारी आदेश में कहा गया, 'कोरोना महामारी के 
मद्देनजर सार्वजनिक वित्तीय संसाधनों पर अभूतपूर्व मांग है और बदलती प्राथमिकताओं के साथ 
संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने की आवश्यकता है.'
इस आदेश में कहा गया, 'स्थायी वित्त समिति प्रस्तावों (500 करोड़ रुपये से उपर की योजना) 
सहित वित्तीय वर्ष 2020-21 में पहले से ही स्वीकृत या अनुमोदित नई योजनाओं की शुरुआत एक 
वर्ष तक निलंबित रहेगी.'
कोरोना संकट के कारण वित्त मंत्रालय ने यह अहम फैसला लिया है, क्योंकि सरकार के पास राजस्व 
कम आ रहा है. लेखा महानियंत्रक के पास उपलब्ध रिपोर्ट से पता चलता है कि अप्रैल 2020 के दौरान 
27,548 करोड़ रुपये राजस्व मिला, जो बजट अनुमान का 1.2% था. जबकि सरकार ने 3.07 लाख करोड़
 खर्च किया, जो बजट अनुमान का 10 फीसदी था.
वित्तीय संकट से जूझने की वजह से सरकार कर्ज भी ज्‍यादा ले रही है. बीते दिनों सरकार ने ऐलान किया
 था कि वह चालू वित्त वर्ष के लिए अपने बाजार से कर्ज लेने का अनुमान 4.2 लाख करोड़ रुपये से 
बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये करेगी. वित्त मंत्रालय ने कहा था कि वित्त वर्ष 2020-21 में अनुमानित 
कर्ज 7.80 लाख करोड़ रुपये के स्थान पर 12 लाख करोड़ रुपये होगा. लेखा महानियंत्रक द्वारा उपलब्ध
 कराए गए आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष के पहले महीने में अनुमानित राजकोषीय घाटे को एक 
तिहाई से अधिक का नुकसान हुआ है.

    Thursday, 4 June 2020

    PM मोदी-ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के बीच समिट आज, जानिए कैसा है दोनों देशों का संबंध

    PM मोदी-ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के बीच समिट आज, जानिए कैसा है दोनों देशों का संबंध

    कोरोना के बाद जिस तरह से दुनिया का ध्रुव बदल रहा है उसकी वजह से यह समिट काफी महत्वपूर्ण है. इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में और मजबूती आएगी. इस समिट में सामरिक से लेकर अर्थव्यवस्था तक के तमाम मसलों पर रिश्तों को मजबूत करने पर बात हो सकती है.




    04 जून 2020, अपडेटेड
    • भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्चुअल समिट आज
    • दोनों देशों के पीएम कई मसलों पर बात करेंगे
    • आर्थिक रिश्तों को बढ़ाने पर भी हो सकती है बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के साथ एक वर्चुअल द्विपक्षीय समिट करने जा रहे हैं. इस समिट में सामरिक से लेकर अर्थव्यवस्था तक के तमाम मसलों पर रिश्तों को मजबूत करने पर बात हो सकती है.
    कोरोना के बाद जिस तरह से दुनिया का ध्रुव बदल रहा है उसकी वजह से यह समिट काफी महत्वपूर्ण है. इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में और मजबूती आएगी. यह भारत के साथ किसी देश की पहली वर्चुअल द्विपक्षीय वार्ता होगी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया इसके पहले सिंगापुर से मार्च महीने में ऐसा ही एक समिट कर चुका है.
    दो बड़े लोकतांत्रिक देशों भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर आपसी समझ काफी बढ़ चुकी है. भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों यह चाहते हैं कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त, समावेशी और संपन्नता बढ़ाने वाला रवैया अपनाया जाए.
    बढ़ रहे हैं आर्थिक रिश्ते
    दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्ते भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं. दोनों देशों के बीच साल 2018-19 में 20.92 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था. भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 5.17 अरब डॉलर की वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात किया था, जबकि वहां से 15.75 अरब डॉलर की वस्तुओं और सेवाओं का आयात किया गया था. ऑस्ट्रेलिया ने भारत में कुल करीब 10.74 अरब डॉलर का निवेश किया है, जबकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया में 10.45 अरब डॉलर का निवेश किया है.

    ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड ने भारत के नेशनल इनवेस्टमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश किया है. दोनों देशों के बीच परस्पर व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है. ऑस्ट्रेलिया में खनिजों और खासकर रेयर मिनरल्स का काफी भंडार है. दोनों देश महत्वपूर्ण मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
    कोरोना के बाद बदल रहा है ध्रुव
    गौरतलब है कि पोस्ट कोरोना पीरियड में दुनिया के दूसरे देश जहां चीन का विकल्प ढूंढ रहे हैं, वहीं भारत भी चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है. तो रेयर मिनरल्स के मामले में भारत ऑस्ट्रेलिया से काफी कुछ हासिल होने की उम्मीद कर सकता है. वहां से बड़े पैमाने पर भारत में पहले से ही कोयला आता रहा है.
    इन वस्तुओं एवं सेवाओं का होता है आयात-निर्यात
    ऑस्ट्रेलिया में भारत की अडानी जैसी कंपनियों ने बड़ा निवेश किया है. भारत से बड़ी संख्या में स्टूडेंट हायर स्टडीज के लिए ऑस्ट्रेलिया जाते हैं. ऑस्ट्रेलिया को भारत के एविएशन, हेल्थ सेक्टर, डेयरी, फूड ऐंड बेवरेज में निवेश का काफी अवसर दिख रहा है.
    भारत से ऑस्ट्रेलिया को मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, दवाइयां, जेम्स, पर्ल्स, ज्वैलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर गुड्स, फुटवियर, ट्रैवल गुड्स, टेक्सटाइल, क्लोदिंग, ​केमिकल्स आदि प्रोडक्ट का निर्यात किया जाता है.
    इसी तरह से ऑस्ट्रेलिया से भारत में कोयला, कृषि उत्पाद, सोना, सूखी सब्जियां, खनिज आदि का आयात किया जाता है.











    Tuesday, 2 June 2020

    चक्रवाती तूफान निसर्ग ने पकड़ी रफ्तार, मुंबई में हाई टाइड की चेतावनी

    चक्रवाती तूफान निसर्ग ने पकड़ी रफ्तार, मुंबई में हाई टाइड की चेतावनी

    WEATHER FORECAST TODAY, CYCLONE NISARGA LIVE UPDATES, HEAVY RAIN ALERT: चक्रवाती तूफान निसर्ग महाराष्ट्र 

    और गुजरात में तबाही मचा सकता है. जानकारी के मुताबिक आज दोपहर 

    तूफान निसर्ग 120 KMPH की स्पीड से दस्तक देने वाला है. 

    मौसम विभाग के मुताबिक निसर्ग चक्रवाती तूफान अभी मुंबई से 

    करीब 150 किलोमीटर दूर है. समंदर में तूफान के समय 6 फीट ऊंची 

    लहरें उठ सकती हैं.



    भारत में 207,615 कोरोना केस

    भारत में 207,615 कोरोना केस में से 101,497 एक्टिव मामले


    3/6/2020 Breaking NEWS


    Add caption

    Saturday, 30 May 2020

    Rajasthan: किसानों को 1 जून से लोन देगी राजस्थान सरकार

    Rajasthan: किसानों को 1 जून से लोन देगी राजस्थान सरकार, 3 फीसदी की रियायती दर से लगेगा ब्याज

    इस लोन का 7 फीसदी ब्याज दर सरकार वहन करेगी। इसके लिए कृषक कल्याण कोष में हर साल राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

    कोरोना महामारी के बीच किसानों को राहत देने के लिए राजस्थान सरकार 1 जून से किसानों को 3 फीसदी ब्याजदर पर लोन देगी। प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ फसल रहन लोन का वितरण शुरू होगा। इसके तहत किसानों को अपनी फसल गिरवी रखने पर मात्र 3 फीसदी ब्याज दर पर लोन मिल सकेगा। इस लोन का 7 फीसदी ब्याज दर सरकार वहन करेगी। इसके लिए कृषक कल्याण कोष में हर साल राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

    प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि लोन का वितरण 4 हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। लघु एवं सीमांत किसानों को 1.50 लाख व बड़े किसानों को 3 लाख रुपये  का लोन फसल रहन रखकर दिया जाएगा। इसके तहत किसान को अपनी उपज का 70 फीसदी लोन मिलेगा और बाजार में अच्छे भाव आने पर किसान फसल को बेच सकेगा।

    यह लोन मिलने से किसानों की तात्कालिक वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकेंगी। इस योजना से जहां सहकारिता विभाग के विशाल नेटवर्क का उपयोग हो पाएगा वहीं अनुदान देने से किसानों का सीधा जुड़ाव सहकारी समितियों से और मजबूत होगा। राज्य सरकार की मंशा हर साल 2 हजार करोड़ रुपये रहन ऋण के रूप में देकर किसानों की मदद करने की है।
    प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का दावा है कि यह देश की एक यूनिक योजना है। सीमांत किसान से मतलब एक हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसान से है जबकि लघु किसान से मतलब उस किसान से है जिसके पास 2 हेक्टेयर से कम भूमि है। इस दोनों ही श्रेणी के किसानों को लाभ मिल सकेगा। प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ फसल रहन लोन का वितरण शुरू होगा। इसके तहत किसानों को अपनी फसल गिरवी रखने पर मात्र 3 फीसदी ब्याज दर पर लोन मिल सकेगा। इस लोन का 7 फीसदी ब्याज दर सरकार वहन करेगी। इसके लिए कृषक कल्याण कोष में हर साल राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

    मनरेगा में गड़बड़झाला





    पुलिस ने किया जिस अपराधी को गिरफ्तार , वो निकला कोरोना पॉजिटिव

    पुलिस ने किया जिस अपराधी को गिरफ्तार , वो निकला कोरोना पॉजिटिव, थानाधिकारी समेत स्टॉफ हुए क्वारंटीन

    हाइलाइट्स

    धौलपुर सरमथुरा थाना हुआ क्वारंटीन।
    कोरोना पॉजिटिव मुलजिम की गिरफ्तार करने के दौरान संपर्क में आए सभी पुलिसकर्मी हुए क्वारंटीन
    धौलपुर के सरमथुरा की घटना, थानाधिकारी समेत कई 15 पुलिसकर्मी पर छाया कोरोना का खतरा
    थानाअधिकारी के क्वारंटीन होने के बाद अब सीओ एसटी/एससी सीताराम बैरवा संभालेंगे जिम्मेदारी
    सीओ कार्यालय, थाना भवन और उनके                                                                                                           सभी वाहनों  को किया गया सैनिटाइज
    धौलपुर।
    प्रदेश में छाए कोरोना कहर के चलते अब अपराधियों को पकड़ना भी मुश्किल होता जा रहा है। ऐसा ही एक वाकिया प्रदेश के धौलपुर जिले से सामने आई है। यहां पुलिस एक मुलजिम आशु सिंह गिरफ्तार कर लेकर आई थी, जिसे बाद में पुलिस ने न्यायालय में भी पेश किया था। लेकिन जब उसकी कोरोना जांच हुई, तो वह कोरोना पॉजिटिव निकला। आरोपी आशु सिंह की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के साथ पूरे थाने में हंड़कंप मच गया है। साथ ही एहतियाती कदम उठाते हुए अब थानाअधिकारी समेत गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया के दौरान आरोपी के संपर्क में आए सभी 15 पुलिसकर्मियों को क्वारंटीन कर दिया गया है। मामला धौलपुर के सरमथुरा कस्बे का है।
    जेल प्रशासन ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही भेजें जेल
    पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया है कि मुल्जिम आशु सिंह पुत्र अवधेश जाति ठाकुर निवासी चांदपुर थाना सरमथुरा को धारा 304बी आईपीसी के तहत 18 मई को गिरफ्तार किया गया था। उसे वृत्ताधिकारी वृत्त सरमथुरा प्रवेन्द्र महेला द्वारा अपने कार्यालय में गिरफ्तार कर बाद में थाना सरमथुरा की हवालात में बंद करवाया गया था। 19 मई को गिरफ्तार शुदा मुल्जिम आशू सिंह को न्यायालय में पेश किया गया ,जिसे न्यायालय द्वारा जे.सी. दी गई। लेकिन जेल प्रशासन ने न्यायालय और पुलिस महानिदेशक जेल का हवाला देते हुए अभियुक्त की कोरोना रिपोर्ट आने के बाद ही उसे धौलपुर जेल में लेने की बात कही। इसके बाद जेल प्रशासन ने हाईकोर्ट एवं महानिदेशक जेल के आदेश का हवाला देते हुए मुल्जिम की कोरोना जांच करवाई। 22 मई की शाम को रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अभियुक्त आशू को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। साथ ही एक गार्ड की व्यवस्था की गई है। इसके बाद अभियुक्त आशू सिंह की गिरफ्तारी से लेकर कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने तक सम्पर्क में आये वृत्ताधिकारी वृत्त सरमथुरा प्रवेन्द्र महेला और उनके स्टाफ सहित सभी15 पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य परीक्षण व सैम्पल लेने के बाद होम क्वारंटीन कर दिया गया है।

    उप- अधीक्षक एस एससी/एसटी सैल ने संभाली थाने की जिम्मेदारी
    पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने थानाअधिकारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को क्वारंटीन होने के बाद अब वृत्त सरमथुरा एवं थाना सरमथुरा के कार्यो के निष्पादन के लिए सीताराम बैरवा उप अधीक्षक एससी/एसटी सैल धौलपुर को तैनात किया गया है। इसके साथ ही सीओ कार्यालय, आवास भवन, थाना सरमथुरा के सम्पूर्ण परिसर एवं उपलब्ध वाहनों को अच्छी तरह से सैनिटाइज कराया गया है।

    Site Search